Tuesday, 18 August 2015

(Notice – Only for BE (CS/IT) – 2014 & 2015 Passout)

(Notice – Only for BE (CS/IT) – 2014 & 2015 Passout)

This is to inform that there is Open Campus in Patel Group of Institution in Indore by company ISC software Pvt Ltd (Core CARD Software) www.corecard.com
Date :- 20th August 2015.

Reporting Time: - 10-00 AM.

JOB Location: - Bhopal

CTC :-  1.44 LPA

Elegibility – 2014 & 2015 BE- CS/IT with 60%

Profile:- Software Developer / 2 years Service Bond.

Skill :- C,C++, SQL,DBMS Concepts, SDLC

 Process :- 1) Written-Technical Test, Aptitude Test, 2) Programming Test- 60 Mins


Venue :- Patel Group of Institutions, Near Ralamandal, Indore (M.P.)-452 020
                Contact - (P) 9826407711
Job Location :- Indore. 

Note: - Students must carry all the required documents 4 PP Photographs, 3 Copies of   
           Resume & all Mark sheets.


ToXSL Technologies Pvt Ltd

ToXSL Technologies Pvt Ltd 
Hiring Freshers and Experienced QA[Freshers] 
BDE[0-2years]
 Iphone[0-2years] 
Web Designing[0-2years] 

No of positions-6 

Contact-0172-5099402,9569127788 Location- C-127,4th floor,phase-8,industrial area,mohali,punjab.
 Interested candidates please share your CV at hr@toxsl.com

Monday, 17 August 2015

Notice – for BE – All Branch 2015

Ref. SVIT/BE/2015/51                                                                      Date- 17.8.2015
(Notice – for BE – All Branch 2015)
This is to inform that there are 5 Companies Open Campus in NIIT –Computer Center on 19th Aug 2015.
1,   Teleperformance - Tech Support / Technical Specialist - Any Graduate, Basic of IT / hardware/ Networking / operating system knowledge - 1.8 LPS
2,  First Source - Technical support - ANY GRADUATE  Excellent com skills, Hands-on  troubleshooting Windows and Macintosh related software issues, Other issues related to printer, email and peripheral devices - 8K PM
3,  Genpact - Tech Support / Technical Specialist / Consultants- Any Graduate - Basic of IT / hardware/ Networking / operating system knowledge - 1.8 LPA - Gurgaon
4, NIIT Limited- S/W / Testing / Networking-  80+ Vacancy - ANY Graduate- .NET/JAVA/SQL NETWORKING/PHP/ANDROID/ Testing- 1.2  to 2.5 LPA- Job Location Across Northern India - Interview Time - 12:00 noon
5, Aegis- Process Associate- BE / BTech/ MCA / BCA / BSC IT (Less than 60%)  Customer Service Inbound and Outbound Dual Rs l8000 to Rs14000 in hand PM - 10.00 am
Interview Date: 19th Aug 2015, Time – 10.00 AM
Venue: -NIIT IFBI & IMPERIA, Address: 204-206 2nd Floor, Saphire Square Building, Tower Chouraha, Indore-452001 |(M): 9981292621
Note: - Students must carry all the required documents 4 PP Photographs, 3 Copies of   

           Resume & all Mark sheets.

Wednesday, 12 August 2015

ओशो का वह प्रवचन, जिसपर तिलमिला उठी थी अमेरिकी सरकार

ओशो का वह प्रवचन, जिसपर तिलमिला उठी
थी अमेरिकी सरकार और दे दिया जहर
ओशो का वह प्रवचन, जिससे ईसायत तिलमिला उठी
थी और अमेरिका की रोनाल्ड
रीगन सरकार ने उन्हें हाथ-पैर में बेडि़यां डालकर
गिरफ्तार किया और फिर मरने के लिए थेलियम नामक धीमा
जहर दे दिया था। इतना ही नहीं, वहां
बसे रजनीशपुरम को तबाह कर दिया गया था और
पूरी दुनिया को यह निर्देश भी दे दिया था कि
न तो ओशो को कोई देश आश्रय देगा और न ही उनके
विमान को ही लैंडिंग की इजाजत
दी जाएगी। ओशो से प्रवचनों
की वह श्रृंखला आज भी मार्केट से गायब
हैं। पढिए वह चौंकाने वाला सच
ओशो:
जब भी कोई सत्य के लिए प्यासा होता है, अनायास
ही वह भारत में उत्सुक हो उठता है। अचानक पूरब
की यात्रा पर निकल पड़ता है। और यह केवल आज
की ही बात नहीं है। यह
उतनी ही प्राचीन बात है,
जितने पुराने प्रमाण और उल्लेख मौजूद हैं। आज से 2500 वर्ष
पूर्व, सत्य की खोज में पाइथागोरस भारत आया था। ईसा
मसीह भी भारत आए थे।
ईसामसीह के 13 से 30 वर्ष की उम्र के
बीच का बाइबिल में कोई उल्लेख नहीं है।
और यही उनकी लगभग पूरी
जिंदगी थी, क्योंकि 33 वर्ष की
उम्र में तो उन्हें सूली ही चढ़ा दिया गया
था। तेरह से 30 तक 17 सालों का हिसाब बाइबिल से गायब है!
इतने समय वे कहां रहे? आखिर बाइाबिल में उन सालों को क्यों
नहीं रिकार्ड किया गया? उन्हें जानबूझ कर छोड़ा गया
है, कि ईसायत मौलिक धर्म नहीं है, कि ईसा
मसीह जो भी कह रहे हैं वे उसे भारत
से लाए हैं।
यह बहुत ही विचारणीय बात है। वे
एक यहूदी की तरह जन्मे,
यहूदी की ही तरह जिए
और यहूदी की ही तरह
मरे। स्मरण रहे कि वे ईसाई नहीं थे, उन्होंने तो-ईसा
और ईसाई, ये शब्द भी नहीं सुने थे। फिर
क्यों यहूदी उनके इतने खिलाफ थे? यह सोचने
जैसी बात है, आखिर क्यों ? न तो ईसाईयों के पास इस
सवाल का ठीक-ठाक जवाबा है और न ही
यहूदियों के पास। क्योंकि इस व्यक्ति ने किसी को कोई
नुकसान नहीं पहुंचाया। ईसा उतने ही
निर्दोष थे जितनी कि कल्पना की जा
सकती है।
पर उनका अपराध बहुत सूक्ष्म था। पढ़े-लिखे यहूदियों और चतुर
रबाईयों ने स्पष्ट देख लिया था कि वे पूरब से विचार ले रहे हैं, जो
कि गैर यहूदी हैं। वे कुछ
अजीबोगरीब और विजातीय बातें
ले रहे हैं। और यदि इस दृष्टिकोण से देखो तो तुम्हें समझ आएगा
कि क्यों वे बारा-बार कहते हैं- ' अतीत के पैगंबरों ने
तुमसे कहा था कि यदि कोई तुम पर क्रोध करे, हिंसा करे तो आंख के
बदले में आंख लेने और ईंट का जवाब पत्थर से देने को तैयार
रहना। लेकिन मैं तुमसे कहता हूं कि अगर कोई तुम्हें चोट
पहुंचाता है, एक गाल पर चांटा मारता है तो उसे अपना दूसरा गाल
भी दिखा देना।' यह पूर्णत: गैर यहूदी
बात है। उन्होंने ये बातें गौतम बुद्ध और महावीर
की देशनाओं से सीखी
थीं।
ईसा जब भारत आए थे-तब बौद्ध धर्म बहुत जीवंत
था, यद्यपि बुद्ध की मृत्यु हो चुकी
थी। गौतम बुद्ध के पांच सौ साल बाद जीसस
यहां आए थे। पर बुद्ध ने इतना विराट आंदोलन, इतना बड़ा तूफान
खड़ा किया था कि तब तक भी पूरा मुल्क उसमें डूबा
हुआ था। बुद्ध की करुणा, क्षमा और प्रेम के उपदेशों
को भारत पिए हुआ था।
जीसस कहते हैं कि अतीत के पैगंबरों
द्वारा यह कहा गया था। कौन हैं ये पुराने पैगंबर? वे
सभी प्राचीन यहूदी पैगंबर
हैं: इजेकिएल, इलिजाह, मोसेस,- कि ईश्वर बहुत
ही हिंसक है और वह कभी क्षमा
नहीं करता है!? यहां तक कि प्राचीन
यहूदी पैगंबरों ने ईश्वर के मुंह से ये शब्द
भी कहलवा दिए हैं कि मैं कोई सज्जन पुरुष
नहीं हूं, तुम्हारा चाचा नहीं हूं। मैं
बहुत क्रोधी और ईर्ष्यालु हूं, और याद रहे जो
भी मेरे साथ नहीं है, वे सब मेरे शत्रु
हैं। पुराने टेस्टामेंट में ईश्वर के ये वचन हैं। और ईसा
मसीह कहते हैं, मैं तुमसे कहता हूं कि परमात्मा
प्रेम है। यह ख्याल उन्हें कहां से आया कि परमात्मा प्रेम है?
गौतम बुद्ध की शिक्षाओं के सिवाए दुनिया में
कहीं भी परमात्मा को प्रेम कहने का कोई
और उल्लेख नहीं है। उन 17 वर्षों में
जीसस इजिप्त, भारत, लद्दाख और तिब्बत
की यात्रा करते रहे। यही उनका अपराध
था कि वे यहूदी परंपरा में बिल्कुल अपरिचित और
अजनबी विचारधाराएं ला रहे थे। न केवल अपरिचित
बल्कि वे बातें यहूदी धारणाओं के एकदम से
विपरीत थीं। तुम्हें जानकर आश्चर्य होगा
कि अंतत: उनकी मृत्यु भी भारत में हुई!
और ईसाई रिकार्ड्स इस तथ्य को नजरअंदाज करते रहे हैं। यदि
उनकी बात सच है कि जीसस
पुनर्जीवित हुए थे तो फिर पुनर्जीवित
होने के बाद उनका क्या हुआ? आजकल वे कहां हैं ? क्योंकि
उनकी मृत्यु का तो कोई उल्लेख है ही
नहीं !
सच्चाई यह है कि वे कभी पुनर्जीवित
नहीं हुए। वास्तव में वे सूली पर
कभी मरे ही नहीं थे। क्योंकि
यहूदियों की सूली आदमी को
मारने की सर्वाधिक बेहूदी
तरकीब है। उसमें आदमी को मरने में
करीब-करीब 48 घंटे लग जाते हैं। चूंकि
हाथों में और पैरों में कीलें ठोंक दी
जाती हैं तो बूंद-बूंद करके उनसे खून टपकता रहता
है। यदि आदमी स्वस्थ है तो 60 घंटे से
भी ज्यादा लोग जीवित रहे, ऐसे उल्लेख
हैं। औसत 48 घंटे तो लग ही जाते हैं। और
जीसस को तो सिर्फ छह घंटे बाद ही
सूली से उतार दिया गया था। यहूदी
सूली पर कोई भी छह घंटे में
कभी नहीं मरा है, कोई मर
ही नहीं सकता है।
यह एक मिलीभगत थी,
जीसस के शिष्यों की पोंटियस पॉयलट के
साथ। पोंटियस यहूदी नहीं था, वो रोमन
वायसराय था। जूडिया उन दिनों रोमन साम्राज्य के अधीन
था। निर्दोष जीसस की हत्या में रोमन
वायसराय पोंटियस को कोई रुचि नहीं थी।
पोंटियस के दस्तखत के बगैर यह हत्या नहीं हो
सकती थी।पोंटियस को अपराध भाव अनुभव
हो रहा था कि वह इस भद्दे और क्रूर नाटक में भाग ले रहा है।
चूंकि पूरी यहूदी भीड़
पीछे पड़ी थी कि
जीसस को सूली लगनी चाहिए।
जीसस वहां एक मुद्दा बन चुका था। पोंटियस पॉयलट
दुविधा में था। यदि वह जीसस को छोड़ देता है तो वह
पूरी जूडिया को, जो कि यहूदी है, अपना
दुश्मन बना लेता है। यह कूटनीतिक
नहीं होगा। और यदि वह जीसस को
सूली दे देता है तो उसे सारे देश का समर्थन तो मिल
जाएगा, मगर उसके स्वयं के अंत:करण में एक घाव छूट जाएगा कि
राजनैतिक परिस्थिति के कारण एक निरपराध व्यक्ति की
हत्या की गई, जिसने कुछ भी गलत
नहीं किया था।
तो पोंटियस ने जीसस के शिष्यों के साथ मिलकर यह
व्यवस्था की कि शुक्रवार को जितनी संभव
हो सके उतनी देर से सूली दी
जाए। चूंकि सूर्यास्त होते ही शुक्रवार की
शाम को यहूदी सब प्रकार का कामधाम बंद कर देते हैं,
फिर शनिवार को कुछ भी काम नहीं होता,
वह उनका पवित्र दिन है। यद्यपि सूली
दी जानी थी शुक्रवार
की सुबह, पर उसे स्थगित किया जाता रहा।
ब्यूरोक्रेसी तो किसी भी कार्य में
देर लगा सकती है। अत: जीसस को
दोपहर के बाद सूली पर चढ़ाया गया और सूर्यास्त के
पहले ही उन्हें जीवित उतार लिया गया।
यद्यपि वे बेहोश थे, क्योंकि शरीर से रक्तस्राव हुआ
था और कमजोरी आ गई थी। पवित्र दिन
यानि शनिवार के बाद रविवार को यहूदी उन्हें पुन:
सूली पर चढ़ाने वाले थे। जीसस के देह को
जिस गुफा में रखा गया था, वहां का चौकीदार रोमन था न कि
यहूदी। इसलिए यह संभव हो सका कि
जीसस के शिष्यगण उन्हें बाहर आसानी
से निकाल लाए और फिर जूडिया से बाहर ले गए।
जीसस ने भारत में आना क्यों पसंद किया? क्योंकि
युवावास्था में भी वे वर्षों तक भारत में रह चुके थे।
उन्होंने अध्यात्म और ब्रह्म का परम स्वाद इतनी
निकटता से चखा था कि वहीं दोबारा लौटना चाहा। तो जैसे
ही वह स्वस्थ हुए, भारत आए और फिर 112
साल की उम्र तक जिए। कश्मीर में
अभी भी उनकी कब्र है।
उस पर जो लिखा है, वह हिब्रू भाषा में है। स्मरण रहे, भारत में
कोई यहूदी नहीं रहते हैं। उस
शिलालेख पर खुदा है, जोशुआ- यह हिब्रू भाषा में
ईसामसीह का नाम है। जीसस जोशुआ का
ग्रीक रुपांतरण है। जोशुआ यहां आए- समय,
तारीख वगैरह सब दी है। एक महान
सदगुरू, जो स्वयं को भेड़ों का गड़रिया पुकारते थे, अपने शिष्यों के साथ
शांतिपूर्वक 112 साल की दीर्घायु तक
यहांरहे। इसी वजह से वह स्थान भेड़ों के चरवाहे
का गांव कहलाने लगा। तुम वहां जा सकते हो, वह शहर
अभी भी है-पहलगाम, उसका
काश्मीरी में वही अर्थ है-
गड़रिए का गांव
जीसस यहां रहना चाहते थे ताकि और अधिक
आत्मिक विकास कर सकें। एक छोटे से शिष्य समूह के साथ वे
रहना चाहते थे ताकि वे सभी शांति में, मौन में डूबकर
आध्यात्मिक प्रगति कर सकें। और उन्होंने मरना भी
यहीं चाहा, क्योंकि यदि तुम जीने
की कला जानते हो तो यहां (भारत में)
जीवन एक सौंदर्य है और यदि तुम मरने
की कला जानते हो तो यहां (भारत में)मरना
भी अत्यंत अर्थपूर्ण है। केवल भारत में
ही मृत्यु की कला खोजी गई
है, ठीक वैसे ही जैसे जीने
की कला खोजी गई है। वस्तुत: तो वे एक
ही प्रक्रिया के दो अंग हैं।
यहूदियों के पैगंबर मूसा ने भी भारत में ही
देह त्यागी थी | इससे भी
अधिक आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि मूसा (मोजिज) ने
भी भारत में ही आकर देह
त्यागी थी! उनकी और
जीसस की समाधियां एक ही
स्थान में बनी हैं। शायद जीसस ने
ही महान सदगुरू मूसा के बगल वाला स्थान स्वयं के
लिए चुना होगा। पर मूसा ने क्यों कश्मीर में आकर मृत्यु
में प्रवेश किया?
मूसा ईश्वर के देश इजराइल की खोज में यहूदियों को
इजिप्त के बाहर ले गए थे। उन्हें 40 वर्ष लगे, जब इजराइल
पहुंचकर उन्होंने घोषणा की कि, यही
वह जमीन है, परमात्मा की
जमीन, जिसका वादा किया गया था। और मैं अब वृद्ध हो
गया हूं और अवकाश लेना चाहता हूं। हे नई
पीढ़ी वालों, अब तुम सम्हालो!
मूसा ने जब इजिप्त से यात्रा प्रारंभ की थी
तब की पीढ़ी लगभग समाप्त
हो चुकी थी। बूढ़े मरते गए, जवान बूढ़े हो
गए और नए बच्चे पैदा होते रहे। जिस मूल समूह ने मूसा के साथ
यात्रा की शुरुआत की थी, वह
बचा ही नहीं था। मूसा करीब-
करीब एक अजनबी की भांति
अनुभव कर रहे थेा उन्होंने युवा लोगों शासन और व्यवस्था का
कार्यभारा सौंपा और इजराइल से विदा हो लिए। यह
अजीब बात है कि यहूदी धर्मशास्त्रों में
भी, उनकी मृत्यु के संबंध में , उनका क्या
हुआ इस बारे में कोई उल्लेख नहीं है। हमारे यहां
(कश्मीर में ) उनकी कब्र है। उस समाधि
पर भी जो शिलालेख है, वह हिब्रू भाषा में
ही है। और पिछले चार हजार सालों से एक
यहूदी परिवार पीढ़ी-दर-
पीढ़ी उन दोनों समाधियों की
देखभाल कर रहा है।
मूसा भारत क्यों आना चाहते थे ? केवल मृत्यु के लिए ? हां, कई
रहस्यों में से एक रहस्य यह भी है कि यदि
तुम्हारी मृत्यु एक बुद्धक्षेत्र में हो सके, जहां
केवल मानवीय ही नहीं, वरन
भगवत्ता की ऊर्जा तरंगें हों, तो तुम्हारी
मृत्यु भी एक उत्सव और निर्वाण बन
जाती है।
सदियों से सारी दुनिया के साधक इस धरती पर
आते रहे हैं। यह देश दरिद्र है, उसके पास भेंट देने को कुछ
भी नहीं, पर जो संवेदनशील
हैं, उनके लिए इससे अधिक समृद्ध कौम इस पृथ्वी पर
कहीं नहीं हैं। लेकिन वह समृद्धि
आंतरिक है।

Wednesday, 22 July 2015

Admin & HR - Vacancy

Positions in HR and Administration
HR Executive-SAP
2-4 years
Mumbai
SAP, HR
Both
Urgent
As per company policy
1
03-07-2015
    SAP, PA20, PA 30, PA 40
    All actions on SAPfrom Hiring to separations
    Increments Uploading
    Bank Specification Uploading
    LSMW and BDC Preparation and uploading
    EDM, Time and attendance Module
    Advanced Excel
Any Graduate
Justdial Ltd is India's No.1 Local Search Engine Company. Its offices are present in Mumbai, Delhi, Chennai, Kolkata, Bangalore, Hyderabad, Pune, Ahmedabad, Coimbatore, Jaipur and Chandigarh. The company has employee strength of approximately 8000 employees.

The company offers its services all over India and the USA and has it's presence on Phone, Web, WAP, SMS and Mobile. The company provides a good work environment with immense growth opportunities. It also offers benefits like Gratuity, Mediclaim, ESIC etc. For more information about the company you can visit the 'About Us' page of this website
Palm Court Bldg M, 501/B, 5th Floor, New Link Road, Besides Goregaon Sports Complex, Malad (w), Mumbai - 400064.
HR Team    7718826733

Sunday, 19 July 2015

Education & Eligibility Criteria : BE/BTech/ MCA/ B.Sc/ B.Com/ BA/ BBA / BCA/ BBM

Please find the JDs for HP/Technical Support and DB/Process associate profile and do let me know if you can help us for the same.

Name of the Company

Magna Infotech Limited. (a division of Quess Corp Limited)

Correspondence Address

Contact Details:/Email ID :
9716222286
hrmprofessional67@
gmail.com

No. of Requirement (s) or No. Job Opening(s) : 70

Designation - Technical Support Engineer – L1

Location(s) : Bangalore

Functional Area : International Global Support
Compensation (CTC) : INR 192,000 Per Annum

Education & Eligibility Criteria : BE/BTech/ MCA/ 
B.Sc/ B.Com/ BA/ BBA / BCA/ BBM

Job Description or Role Brief:
Troubleshooting Hardware/Networking/OS related queries of our Global Customers over phone which involves working in different time zones ,
Take calls from Global customers and initiate the right response, positively and professionally,
Provide remote solutions to problems, probe problems and explain the solution in such a way that non-technical users understand
Will support clients in the US and UK region.
Assist on the queries of Clients IT/Software products and give resolution within the given SLA.
Should be willing to work for 24/7 (Rotational) environment.
Should be able to join on immediate basis.

Only Male candidates preferred

Desired Candidate profile

Must have sound understanding of Technical skills
Must have excellent Written & Verbal communication skills
Must know basics of Computer Applications
Should be willing to work for 24/7 (Rotational) environment
Should be able to join on immediate basis

Notice - Jaro Education on 29th Jan 2026

        Notice                                          (Only for B.Tech – Final SEM, MCA & MBA Final SEM) This is to inform that;  Jaro...