Thursday, 9 January 2014

Ratan Tata

"तुम बेशर्म हो सकते हो लेकिन मैँ नही.."
___ Ratan Tata
घटना बहुत पुरानी है लेकिन यादकर रतन टाटा को बार बार सैल्यूट करने को जी चाहता है इसलिये पुन: पोस्ट कर रहा हुँ
26/11 के बाद रतन टाटा ने अपने भारत और विदेश के होटलोँ की श्रंखला के पुनर्निर्माण के लिये टेँडर जारी किये उसके लिये काफी कम्पनियोँ ने एप्लाई किया जिसमेँ कुछ पाकिस्तानी कम्पनियाँ भी शामिल थी
दो पाकिस्तानी कम्पनियाँ अपनी बोली को मजबुत करने के लिये बॉम्बे हाउस ( Head office of Tata ) भी आई रतन टाटा से मिलने बिना अपॉइंटमेँट के
क्योँकि टाटा ने उनको अपॉइंटमेँट के लिये टाईम नहीँ दिया
उनको काफी देर तक बॉम्बे हाऊस के रिसेप्शन पर वेट कराया गया फिर टाटा की तरफ से बिजी होने का मैसेज देकर भगा दिया गया
दोनोँ उद्योगपति मुम्बई से दिल्ली गये और अपने उच्चायुक्त से बात की और एक मंत्री के जरिये टाटा को फोन लगवाया
मंत्री ने टाटा से उनको अपॉईँटमेँट देने की रिक्यूस्ट की तो टाटा ने कहा
"तुम बेशर्म हो सकते हो लेकिन मैँ नही.."
और फोन काट दिया
कुछ महिनोँ बाद पाकिस्तानी सरकार ने रतन टाटा को एक लाख टाटा सूमो का ऑर्डर दिया तो रतन टाटा ने पाकिस्तान को एक टायर तक देने से मना कर दिया
राष्ट्र हमेशा सर्वोपरि होता है ये रतन टाटा को पता है
"तुम बेशर्म हो सकते हो लेकिन मैँ नही.."
___ Ratan Tata
घटना बहुत पुरानी है लेकिन यादकर रतन टाटा को बार बार सैल्यूट करने को जी चाहता है इसलिये पुन: पोस्ट कर रहा हुँ
26/11 के बाद रतन टाटा ने अपने भारत और विदेश के होटलोँ की श्रंखला के पुनर्निर्माण के लिये टेँडर जारी किये उसके लिये काफी कम्पनियोँ ने एप्लाई किया जिसमेँ कुछ पाकिस्तानी कम्पनियाँ भी शामिल थी
दो पाकिस्तानी कम्पनियाँ अपनी बोली को मजबुत करने के लिये बॉम्बे हाउस ( Head office of Tata ) भी आई रतन टाटा से मिलने बिना अपॉइंटमेँट के
क्योँकि टाटा ने उनको अपॉइंटमेँट के लिये टाईम नहीँ दिया
उनको काफी देर तक बॉम्बे हाऊस के रिसेप्शन पर वेट कराया गया फिर टाटा की तरफ से बिजी होने का मैसेज देकर भगा दिया गया
दोनोँ उद्योगपति मुम्बई से दिल्ली गये और अपने उच्चायुक्त से बात की और एक मंत्री के जरिये टाटा को फोन लगवाया
मंत्री ने टाटा से उनको अपॉईँटमेँट देने की रिक्यूस्ट की तो टाटा ने कहा
"तुम बेशर्म हो सकते हो लेकिन मैँ नही.."
और फोन काट दिया
कुछ महिनोँ बाद पाकिस्तानी सरकार ने रतन टाटा को एक लाख टाटा सूमो का ऑर्डर दिया तो रतन टाटा ने पाकिस्तान को एक टायर तक देने से मना कर दिया
राष्ट्र हमेशा सर्वोपरि होता है ये रतन टाटा को पता है

Tuesday, 7 January 2014

पृथ्वी का भोगोलिक मानचित्र: वेद व्यास द्वारा

पृथ्वी का भोगोलिक मानचित्र: वेद व्यास द्वारा


महाभारत में पृथ्वी का पूरा मानचित्र हजारों वर्ष पूर्व ही दे दिया गया था। महाभारत में कहा गया है कि यह पृथ्वी चन्द्रमंडल में देखने पर दो अंशों मे खरगोश तथा अन्य दो अंशों में पिप्पल (पत्तों) के रुप में दिखायी देती है-

उपरोक्त मानचित्र ११वीं शताब्दी में रामानुजचार्य द्वारा महाभारत के निम्नलिखित श्लोक को पढ्ने के बाद बनाया गया था-

“ सुदर्शनं प्रवक्ष्यामि द्वीपं तु कुरुनन्दन। परिमण्डलो महाराज द्वीपोऽसौ चक्रसंस्थितः॥
यथा हि पुरुषः पश्येदादर्शे मुखमात्मनः। एवं सुदर्शनद्वीपो दृश्यते चन्द्रमण्डले॥ द्विरंशे पिप्पलस्तत्र द्विरंशे च शशो महान्।

—वेद व्यास, भीष्म पर्व, महाभारत

अर्थात

हे कुरुनन्दन ! सुदर्शन नामक यह द्वीप चक्र की भाँति गोलाकार स्थित है, जैसे पुरुष दर्पण में अपना मुख देखता है, उसी प्रकार यह द्वीप चन्द्रमण्डल में दिखायी देता है। इसके दो अंशो मे पिप्पल और दो अंशो मे महान शश(खरगोश) दिखायी देता है। अब यदि उपरोक्त संरचना को कागज पर बनाकर व्यवस्थित करे तो हमारी पृथ्वी का मानचित्र बन जाता है, जो हमारी पृथ्वी के वास्तविक मानचित्र से बहुत समानता दिखाता है।
पृथ्वी का भोगोलिक मानचित्र: वेद व्यास द्वारा


महाभारत में पृथ्वी का पूरा मानचित्र हजारों वर्ष पूर्व ही दे दिया गया था। महाभारत में कहा गया है कि यह पृथ्वी चन्द्रमंडल में देखने पर दो अंशों मे खरगोश तथा अन्य दो अंशों में पिप्पल (पत्तों) के रुप में दिखायी देती है-

उपरोक्त मानचित्र ११वीं शताब्दी में रामानुजचार्य द्वारा महाभारत के निम्नलिखित श्लोक को पढ्ने के बाद बनाया गया था-

“ सुदर्शनं प्रवक्ष्यामि द्वीपं तु कुरुनन्दन। परिमण्डलो महाराज द्वीपोऽसौ चक्रसंस्थितः॥
यथा हि पुरुषः पश्येदादर्शे मुखमात्मनः। एवं सुदर्शनद्वीपो दृश्यते चन्द्रमण्डले॥ द्विरंशे पिप्पलस्तत्र द्विरंशे च शशो महान्।
”
—वेद व्यास, भीष्म पर्व, महाभारत

अर्थात

हे कुरुनन्दन ! सुदर्शन नामक यह द्वीप चक्र की भाँति गोलाकार स्थित है, जैसे पुरुष दर्पण में अपना मुख देखता है, उसी प्रकार यह द्वीप चन्द्रमण्डल में दिखायी देता है। इसके दो अंशो मे पिप्पल और दो अंशो मे महान शश(खरगोश) दिखायी देता है। अब यदि उपरोक्त संरचना को कागज पर बनाकर व्यवस्थित करे तो हमारी पृथ्वी का मानचित्र बन जाता है, जो हमारी पृथ्वी के वास्तविक मानचित्र से बहुत समानता दिखाता है।

Story of Pizza

आजकल बहुत से लोग हैं जिन्हें"पिज्जा" खाने मेंबड़ा मज़ा आता है ....तो ... मैंने भी अपना दिमाग दौड़ाना शुरूकिया .....चलिये ....

इसपर एक नज़र डालें >>पिज्जा बेचनेवाली कंपनियाँ"Pizza Hut, Dominos, KFC, McDonalds, PizzaCorner, Papa John’s Pizza, California PizzaKitchen, Sal’s Pizza"

अब मैंने हिसाब लगाया कि पिज्जाबनाने में 50 रुपएसे ज़्यादा का सामान नहीं लगता.... और गॅस औरबाकी खर्च मिला कर करीब 70 रुपए में एकबड़ा पिज्जा आसानी से बन जाता है.....
(चलो 30रुपए विज्ञापन करने के भी जोड़ ही लो)तो एक पिज्जा का लागत मूल्य हुआ 100 /-कंपनियाँ इसी पिज्जा को 350/- रुपए के करीबबेचती हैं .....अब बाकी का 250 रुपए (जो कि शुद्ध मुनाफा है)कंपनियाँ अपने साथ अमरीका ले जाती हैं(क्योंकि ये सारी कंपनियाँ अमेरिकी हैं) ....

अब आती है सोचने वाली बात .....अमेरिका की दादागिरी किसी सेछुपी नहीं है .....और जब भी कुछ छोटी सी भी बात होती है ....अमेरिका ही ऐसा अकेला देश है जो पाकिस्तान(वही .... पड़ोसी मुल्क) को आए दिन आर्थिक मददकरता है ....और ये बात भी किसी से छुपी हुई नहीं हैकि पाकिस्तान अपने मुल्क में आतंकवादियों की मददकरता है .....आतंकवादी फिर उसी पैसे से हथियार खरीदते हैं .....तो >>हमने जो पैसा अमेरिका को दिया....अमेरिका ने पाकिस्तान को दिया....पाकिस्तान ने आतंकवादियों को दिया ....और आतंकवादियों ने उससे हथियार खरीदे ....

अब थोड़ा हिसाब-किताब किया जाये.....एक साधारण बंदूक की गोली 75 रुपएकी होती है .... तो आप एक पिज्जा खाने के समयकरीब 2 लोगों की मौत का भी प्रबंध कर रहे हैं ....."सड़े हुए मैदे" का पिज्जा खाकर.... क्या हम अपनेही देश से गद्दारी नहीं कर रहे ?अगली बार जब आपके हाथ में पिज्जा आए ....तो ज़रा मुंबई के जिहादी हमले में मारे गए लोगों केचेहरे याद कर लीजिएगा .... कुछ मांग के उजड़े सिंदूरऔर अनाथ बिलखते बच्चे .....बस ... और कुछ नहीं .....उसके बाद भी अगर आप उस पिज्जा कोखा लेंगे ....तो ..... मुझे खुशी होगी ये कहते हुए कि "आपसेबड़ा गद्दार कोई नहीं" .... एक तरह से सारेआतंकी हमलों के लिए ... आप जिम्मेदार हैं ....जय हिन्द .... वंदे मातरम

जाम या अमरुद

जाम या अमरुद
- यह एक बहुत नर्म फल है पर इसके बीज बहुत सख्त होते है।पर ये बीज पेट के लिए बहुत अच्छे , रेचन करने वाले होते है। इसलिए जाम को गोल गोल स्लाइस में काटिए। चारो तरफ का गुदा अच्छी तरह चबा कर खा ले और बीजों को थोड़ा मुंह में चला कर ऐसे ही निगल ले। इसके बीज चबाने से अच्छा है उन्हें ऐसे ही निगलना।
- यह हृदय को मजबूती देने वाला और घबराहट दूर करने वाला है।
- यह मस्तिष्क की ताकत बढाता है।
- यह शरीर की कमजोरी दूर कर ; ऊर्जा देता है।
- यह मन को प्रसन्नता देने वाला फल है।
- यह दाह को कम करता है।
- इसे नमक के साथ खाने से पेट के कीड़े ख़त्म करता है।
- इसकी पत्तियाँ ज्वर नाशक , कफ नाशक और खांसी में लाभदायक है।
- मसूड़ों के दर्द और मुंह की के लिए इसकी पत्तियोंको कूटकर उसमे थोड़ी लौंग का चुरा और सेंधा नमक मिला कर लगाए।
- मुंह के छालों के लिए इसकी पत्तियाँ चबाकर थूक दे या निगल ले।
- इसकी पत्तियों के रस से भांग का नशा कम होता है।
- ज्वर में इसकी पत्तियों , गिलोय और तुलसी को उबालकर काढ़ा ले।
- संग्रहणी या कोलाइटिस या लीवर की परेशानी में इसकी पत्ती , छाल का पावडर और थोड़ी सी सौंठ उबालकर ले।
जाम या अमरुद
- यह एक बहुत नर्म फल है पर इसके बीज बहुत सख्त होते है।पर ये बीज पेट के लिए बहुत अच्छे , रेचन करने वाले होते है। इसलिए जाम को गोल गोल स्लाइस में काटिए। चारो तरफ का गुदा अच्छी तरह चबा कर खा ले और बीजों को थोड़ा मुंह में चला कर ऐसे ही निगल ले। इसके बीज चबाने से अच्छा है उन्हें ऐसे ही निगलना।
- यह हृदय को मजबूती देने वाला और घबराहट दूर करने वाला है।
- यह मस्तिष्क की ताकत बढाता है।
- यह शरीर की कमजोरी दूर कर ; ऊर्जा देता है।
- यह मन को प्रसन्नता देने वाला फल है।
- यह दाह को कम करता है।
- इसे नमक के साथ खाने से पेट के कीड़े ख़त्म करता है।
- इसकी पत्तियाँ ज्वर नाशक , कफ नाशक और खांसी में लाभदायक है।
- मसूड़ों के दर्द और मुंह की के लिए इसकी पत्तियोंको कूटकर उसमे थोड़ी लौंग का चुरा और सेंधा नमक मिला कर लगाए।
- मुंह के छालों के लिए इसकी पत्तियाँ चबाकर थूक दे या निगल ले।
- इसकी पत्तियों के रस से भांग का नशा कम होता है।
- ज्वर में इसकी पत्तियों , गिलोय और तुलसी को उबालकर काढ़ा ले।
- संग्रहणी या कोलाइटिस या लीवर की परेशानी में इसकी पत्ती , छाल का पावडर और थोड़ी सी सौंठ उबालकर ले।

Job Fair in Orienal University - Indore for 2012 2013 & 2014 Bstch


Monday, 6 January 2014

How to handel Heart Attack when you are Alone.

जरा सोचिये की शाम के
7:25 बजे है और आप घर जा रहे है
वो भी एकदम अकेले।
ऐसे में अचानक से आपके सीने में तेज दर्द
होता है जो
आपके हाथों से होता हुआ आपके जबड़ो तक
पहुँच
जाता है। आप अपने घर से
सबसे नजदीक अस्पताल
से 5 मील दूर है और
दुर्भाग्यवश आपको ये नहीं
समझ आरहा की आप वहां
तक पहुँच पाएंगे की नहीं।
आप सीपीआर में प्रशिक्षित
है मगर वहां भी आपको ये
नहीं सिखाया गया की इसको
खुद पर प्रयोग कैसे करे।
ऐसे में दिल के दौरे से बचने
के लिए ये उपाय आजमाए ;-
चूँकि ज्यादातर लोग दिल के
दौरे के वक्त अकेले होते है
बिना किसी की मदद के
उन्हें सांस लेने में तकलीफ
होती है । वे बेहोश होने लगते
ह और उनके पास सिर्फ 10 सेकण्ड्स होते है
। ऐसे हालत
में पीड़ित जोर जोर से खांस
कर खुद को सामान्य रख
सकता है। एक जोर की सांस लेनी चाहिए हर
खांसी से पहले
और खांसी इतनी तेज हो की
छाती से थूक निकले।
जब तक मदद न आये ये प्रक्रिया दो सेकंड से
दोहराई
जाए ताकि धड्कण सामान्य
हो जाए ।
जोर की साँसे फेफड़ो में
ऑक्सीजन पैदा करती है
और जोर की खांसी की वजह
से दिल सिकुड़ता है जिस से
रक्त सञ्चालन नियमित रूप से
चलता है ।।।।।

Wednesday, 1 January 2014

पाँच पाण्डव तथा सौ कौरवों के नाम ये थे

पाँच पाण्डव तथा सौ कौरवों के नाम ये थे :–

पाण्डव पाँच भाई थे जिनके नाम हैं -

1. युधिष्ठिर

2. भीम

3. अर्जुन

4. नकुल

5. सहदेव

( इन पांचों के अलावा , महाबली कर्ण

भी कुंती के ही पुत्र थे , परन्तु

उनकी गिनती पांडवों में नहीं की जाती है )

यहाँ ध्यान रखें कि… पाण्डु के उपरोक्त

पाँचों पुत्रों में से युधिष्ठिर, भीम और अर्जुन

की माता कुन्ती थीं ……तथा , नकुल और सहदेव

की माता माद्री थी ।

वहीँ …. धृतराष्ट्र और गांधारी के सौ पुत्र…..

कौरव कहलाए जिनके नाम हैं -

1. दुर्योधन

2. दुःशासन

3. दुःसह

4. दुःशल

5. जलसंघ

6. सम

7. सह

8. विंद

9. अनुविंद

10. दुर्धर्ष

11. सुबाहु

12. दुषप्रधर्षण

13. दुर्मर्षण

14. दुर्मुख

15. दुष्कर्ण

16. विकर्ण

17. शल

18. सत्वान

19. सुलोचन

20. चित्र

21. उपचित्र

22. चित्राक्ष

23. चारुचित्र

24. शरासन

25. दुर्मद

26. दुर्विगाह

27. विवित्सु

28. विकटानन्द

29. ऊर्णनाभ

30. सुनाभ

31. नन्द

32. उपनन्द

33. चित्रबाण

34. चित्रवर्मा

35. सुवर्मा

36. दुर्विमोचन

37. अयोबाहु

38. महाबाहु

39. चित्रांग

40. चित्रकुण्डल

41. भीमवेग

42. भीमबल

43. बालाकि

44. बलवर्धन

45. उग्रायुध

46. सुषेण

47. कुण्डधर

48. महोदर

49. चित्रायुध

50. निषंगी

51. पाशी

52. वृन्दारक

53. दृढ़वर्मा

54. दृढ़क्षत्र

55. सोमकीर्ति

56. अनूदर

57. दढ़संघ

58. जरासंघ

59. सत्यसंघ

60. सद्सुवाक

61. उग्रश्रवा

62. उग्रसेन

63. सेनानी

64. दुष्पराजय

65. अपराजित

66. कुण्डशायी

67. विशालाक्ष

68. दुराधर

69. दृढ़हस्त

70. सुहस्त

71. वातवेग

72. सुवर्च

73. आदित्यकेतु

74. बह्वाशी

75. नागदत्त

76. उग्रशायी

77. कवचि

78. क्रथन

79. कुण्डी

80. भीमविक्र

81. धनुर्धर

82. वीरबाहु

83. अलोलुप

84. अभय

85. दृढ़कर्मा

86. दृढ़रथाश्रय

87. अनाधृष्य

88. कुण्डभेदी

89. विरवि

90. चित्रकुण्डल

91. प्रधम

92. अमाप्रमाथि

93. दीर्घरोमा

94. सुवीर्यवान

95. दीर्घबाहु

96. सुजात

97. कनकध्वज

98. कुण्डाशी

99. विरज

100. युयुत्सु

( इन 100 भाइयों के अलावा कौरवों की एक बहन भी थी… जिसका नाम""दुशाला""था, जिसका विवाह"जयद्रथ"सेहुआ था )

"श्री मद्-भगवत गीता"
के बारे में-

किसको किसने सुनाई?
उ.- श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सुनाई।

कब सुनाई?
उ.- आज से लगभग 7 हज़ार साल पहले सुनाई।

भगवान ने किस दिन गीता सुनाई?
उ.- रविवार के दिन।

कोनसी तिथि को?
उ.- एकादशी

कहा सुनाई?
उ.- कुरुक्षेत्र की रणभूमि में।

कितनी देर में सुनाई?
उ.- लगभग 45 मिनट में

क्यू सुनाई?
उ.- कर्त्तव्य से भटके हुए अर्जुन को कर्त्तव्य सिखाने के लिए और आने वाली पीढियों को धर्म-ज्ञान सिखाने के लिए।

कितने अध्याय है?
उ.- कुल 18 अध्याय

कितने श्लोक है?
उ.- 700 श्लोक

गीता में क्या-क्या बताया गया है?
उ.- ज्ञान-भक्ति-कर्म योग मार्गो की विस्तृत व्याख्या की गयी है, इन मार्गो पर चलने से व्यक्ति निश्चित ही परमपद का अधिकारी बन जाता है।

गीता को अर्जुन के अलावा
और किन किन लोगो ने सुना?
उ.- धृतराष्ट्र एवं संजय ने

अर्जुन से पहले गीता का पावन ज्ञान किन्हें मिला था?
उ.- भगवान सूर्यदेव को

गीता की गिनती किन धर्म-ग्रंथो में आती है?
उ.- उपनिषदों में

गीता किस महाग्रंथ का भाग है....?
उ.- गीता महाभारत के एक अध्याय शांति-पर्व का एक हिस्सा है।

गीता का दूसरा नाम क्या है?
उ.- गीतोपनिषद

गीता का सार क्या है?
उ.- प्रभु श्रीकृष्ण की शरण लेना

गीता में किसने कितने श्लोक कहे है?
उ.- श्रीकृष्ण ने- 574
अर्जुन ने- 85
धृतराष्ट्र ने- 1
संजय ने- 40.

अपनी युवा-पीढ़ी को गीता जी के बारे में जानकारी पहुचाने हेतु इसे ज्यादा से ज्यादा शेअर करे। धन्यवाद

Notice - Jaro Education on 29th Jan 2026

        Notice                                          (Only for B.Tech – Final SEM, MCA & MBA Final SEM) This is to inform that;  Jaro...